(Income Tax) : हर साल जब इनकम टैक्स भरने का समय आता है, तो कई लोग सोचते हैं कि काश कोई ऐसा तरीका होता जिससे वे अपना टैक्स बचा सकते। असल में, भारत सरकार द्वारा कई ऐसे नियम और छूट दिए गए हैं जिनका सही उपयोग करके आप अपनी टैक्स देनदारी को कम कर सकते हैं। अगर आप सही प्लानिंग और सही समय पर निवेश करें, तो लाखों रुपये की बचत हो सकती है।
इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे बेहतरीन और कानूनी तरीके बताएंगे, जिनसे आप अपनी मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा बचा सकते हैं।
1. धारा 80C के तहत अधिकतम छूट प्राप्त करें
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C एक ऐसा सेक्शन है जिसमें कई इन्वेस्टमेंट और खर्चों पर छूट मिलती है। इस धारा के तहत आप 1.5 लाख रुपये तक की छूट का लाभ उठा सकते हैं।
धारा 80C के तहत निवेश के विकल्प:
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) – 15 साल की लॉक-इन अवधि, टैक्स फ्री रिटर्न।
- एलआईसी पॉलिसी – लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट।
- ईपीएफ (Employees’ Provident Fund) – नौकरीपेशा लोगों के लिए बढ़िया विकल्प।
- राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) – 5 साल का लॉक-इन, गारंटीड रिटर्न।
- टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) – 5 साल की लॉक-इन अवधि वाला FD।
- इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) – शेयर बाजार में निवेश के साथ टैक्स छूट।
उदाहरण:
अगर आपने सालभर में PPF में 80,000 रुपये, ELSS में 40,000 रुपये और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम के रूप में 30,000 रुपये निवेश किया है, तो कुल 1.5 लाख रुपये की टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं।
2. होम लोन पर टैक्स छूट का लाभ उठाएं
अगर आपने घर खरीदने के लिए होम लोन लिया है, तो उस पर भी आप इनकम टैक्स बचा सकते हैं।
होम लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट:
| सेक्शन | छूट की राशि | किस पर छूट मिलती है |
|---|---|---|
| धारा 80C | 1.5 लाख रुपये | होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट पर |
| धारा 24(b) | 2 लाख रुपये | होम लोन के इंटरेस्ट अमाउंट पर |
| धारा 80EEA | 1.5 लाख रुपये | पहली बार घर खरीदने वालों के लिए |
उदाहरण:
अगर आप 25 लाख रुपये का लोन लेते हैं और सालभर में 2.5 लाख रुपये का ब्याज चुकाते हैं, तो 2 लाख रुपये तक की छूट ले सकते हैं।
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3. हेल्थ इंश्योरेंस (मेडिक्लेम) के जरिए टैक्स बचाएं
स्वास्थ्य बीमा सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी से बचाव के लिए ही नहीं बल्कि टैक्स सेविंग का भी शानदार तरीका है। धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स छूट मिलती है।
धारा 80D के तहत टैक्स छूट:
| किसके लिए बीमा लिया गया | मैक्सिमम टैक्स छूट |
|---|---|
| खुद और परिवार के लिए | 25,000 रुपये |
| वरिष्ठ नागरिक माता-पिता के लिए | 50,000 रुपये |
| कुल संभव छूट | 75,000 रुपये |
उदाहरण:
अगर आपने अपने लिए और माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदा है और प्रीमियम 40,000 रुपये है, तो आपको 40,000 रुपये की टैक्स छूट मिल जाएगी।
4. राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) में निवेश करें
अगर आप अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग के साथ-साथ टैक्स भी बचाना चाहते हैं, तो NPS (National Pension Scheme) सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।
NPS पर मिलने वाली टैक्स छूट:
- धारा 80CCD(1) – 1.5 लाख रुपये तक की छूट।
- धारा 80CCD(1B) – अतिरिक्त 50,000 रुपये की छूट।
उदाहरण:
अगर आपने NPS में 50,000 रुपये निवेश किए हैं, तो यह पूरी राशि आपकी टैक्सेबल इनकम से घट जाएगी और आपका टैक्स बचेगा।
5. HRA (House Rent Allowance) का सही इस्तेमाल करें
अगर आप किराए के मकान में रहते हैं और आपकी सैलरी में HRA (House Rent Allowance) शामिल है, तो आप इस पर टैक्स छूट ले सकते हैं।
HRA छूट की गणना:
HRA छूट तीन चीजों में से न्यूनतम राशि पर दी जाती है:
- मासिक वेतन का 50% (मेट्रो शहरों के लिए) या 40% (अन्य शहरों के लिए)।
- किराए का भुगतान – (बेसिक सैलरी का 10%)।
- महीने का वास्तविक HRA भत्ता।
उदाहरण:
अगर आपकी मासिक सैलरी 50,000 रुपये है और आप 15,000 रुपये किराया देते हैं, तो आपको HRA पर 1.8 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है।
6. स्टैंडर्ड डिडक्शन और अन्य टैक्स छूट का लाभ लें
वर्तमान में, 50,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन की सुविधा दी गई है। यह सभी वेतनभोगी कर्मचारियों को मिलती है।
इसके अलावा, कुछ अन्य महत्वपूर्ण टैक्स छूट:
- धारा 80E: शिक्षा लोन के ब्याज पर 8 साल तक 100% छूट।
- धारा 10(14): यात्रा भत्ता और बच्चों की पढ़ाई के लिए छूट।
- धारा 80G: दान देने पर टैक्स छूट।
अगर आप सही तरीके से टैक्स प्लानिंग करते हैं, तो आप हर साल लाखों रुपये बचा सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि आप अपने फाइनेंशियल गोल्स को ध्यान में रखते हुए सही निवेश करें।
संक्षेप में टैक्स बचाने के लिए प्रमुख उपाय:
- धारा 80C के तहत PPF, NSC, ELSS में निवेश करें।
- होम लोन पर मिलने वाली छूट का पूरा फायदा उठाएं।
- हेल्थ इंश्योरेंस और NPS में निवेश करें।
- HRA और अन्य टैक्स डिडक्शन्स का सही इस्तेमाल करें।
अगर आप इन सभी उपायों को अपनाते हैं, तो न सिर्फ आपका पैसा बचेगा, बल्कि आपकी वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी।
अब जब आपको सही जानकारी मिल गई है, तो जल्द से जल्द अपनी टैक्स प्लानिंग शुरू करें और अपनी मेहनत की कमाई का अधिकतम लाभ उठाएं!