Income Tax : इन 10 कमाई पर नहीं देना पड़ता एक रुपया भी टैक्स, जानिये इनकम टैक्स के नियम

Income Tax Rules (इनकम टैक्स नियम) : भारत में इनकम टैक्स को लेकर आम आदमी से लेकर बड़े कारोबारी तक सभी के मन में कई सवाल होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ खास तरह की कमाई पर आपको एक भी रुपया टैक्स नहीं देना पड़ता? जी हां, सरकार ने आम जनता को कुछ रियायतें दी हैं, जिससे टैक्स बचत संभव हो सकती है। इस लेख में हम आपको उन 10 कमाई के स्रोतों के बारे में बताएंगे, जिन पर कोई टैक्स नहीं लगता।

1. एग्रीकल्चर इनकम (कृषि से होने वाली आय)

अगर आपकी कमाई कृषि से होती है, तो इस पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता। सरकार किसानों को राहत देने के लिए कृषि से होने वाली आय को टैक्स के दायरे से बाहर रखती है।

कृषि आय में शामिल होते हैं:

  • खेतों से होने वाली फसल की बिक्री से आय
  • बागवानी और पेड़-पौधों से कमाई
  • पशुपालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन से आय (अगर यह कृषि से जुड़ा है)

उदाहरण:

राजस्थान के किसान रमेश जी अपने खेतों में गेहूं और चने की खेती करते हैं। उनकी सालाना कमाई 8 लाख रुपये है। चूंकि यह पूरी तरह से कृषि आय है, इसलिए उन्हें एक भी रुपया टैक्स नहीं देना पड़ता।

2. गिफ्ट इनकम (कुछ खास परिस्थितियों में मिले उपहार)

इनकम टैक्स कानून के तहत, कुछ खास परिस्थितियों में मिले उपहारों पर टैक्स नहीं लगता।

टैक्स-फ्री गिफ्ट के नियम:

  • शादी के अवसर पर मिलने वाले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता।
  • माता-पिता, भाई-बहन या अन्य करीबी रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं।
  • 50,000 रुपये तक की गिफ्ट राशि पर टैक्स नहीं लगता।

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उदाहरण:

अमित की शादी में उनके माता-पिता ने उन्हें 5 लाख रुपये उपहार में दिए। यह पूरी तरह टैक्स फ्री है क्योंकि यह शादी के अवसर पर मिला है।

3. पीएफ और ग्रेच्युटी (Provident Fund & Gratuity)

अगर कोई कर्मचारी रिटायर होता है और उसे प्रोविडेंट फंड (PF) या ग्रेच्युटी मिलती है, तो यह राशि कुछ शर्तों के तहत टैक्स फ्री होती है।

कब टैक्स फ्री होगी यह राशि?

  • 5 साल से अधिक सेवा करने पर पूरा PF टैक्स फ्री होता है।
  • सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी पूरी तरह टैक्स फ्री होती है।
  • निजी कंपनियों में ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये तक टैक्स फ्री है।

4. जीवन बीमा पॉलिसी से मिलने वाली राशि (Maturity Amount of Life Insurance)

अगर आपने जीवन बीमा लिया है और उसकी मैच्योरिटी पर आपको कोई राशि मिलती है, तो यह टैक्स फ्री हो सकती है।

टैक्स फ्री कब होती है?

  • अगर पॉलिसी 31 मार्च 2012 से पहले ली गई है और सालाना प्रीमियम सम एश्योर्ड (बीमा राशि) का 20% से ज्यादा नहीं है।
  • 1 अप्रैल 2012 के बाद ली गई पॉलिसी के लिए यह छूट तभी मिलेगी जब प्रीमियम बीमा राशि के 10% से अधिक न हो।

5. स्कॉलरशिप से मिलने वाली राशि

अगर कोई छात्र सरकार या किसी अन्य संस्थान से स्कॉलरशिप प्राप्त करता है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगता।

उदाहरण:

रीना को उसकी पढ़ाई के लिए 1 लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिली। यह पूरी तरह टैक्स फ्री होगी।

6. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) से मिलने वाली राशि

PPF भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली एक सुरक्षित निवेश योजना है। इसमें जमा राशि, ब्याज और निकासी, तीनों पर टैक्स छूट मिलती है।

PPF की खास बातें:

  • इसमें 15 साल की लॉक-इन अवधि होती है।
  • इसमें जमा किया गया पैसा धारा 80C के तहत टैक्स छूट के दायरे में आता है।
  • परिपक्वता राशि पूरी तरह टैक्स फ्री होती है।

7. म्यूचुअल फंड से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (कुछ शर्तों के तहत)

अगर आप इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो एक साल के बाद मिलने वाला 1 लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स फ्री होता है।

ध्यान देने योग्य बातें:

  • एक साल से अधिक की अवधि के निवेश पर यह छूट मिलती है।
  • 1 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई पर 10% LTCG टैक्स देना होता है।

8. सीनियर सिटीजन को मिलने वाली छूट

60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को कुछ खास इनकम पर टैक्स छूट मिलती है।

महत्वपूर्ण छूटें:

  • बैंक और डाकघर की बचत योजनाओं से 50,000 रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री होता है।
  • 75 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन से आय पर भी छूट मिलती है।

9. वेलफेयर फंड और कंपेनसेशन से मिलने वाली राशि

अगर किसी व्यक्ति को किसी सरकारी या गैर-सरकारी राहत कोष से कोई सहायता राशि मिलती है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं देना होता।

उदाहरण:

  • किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को मिलने वाली अनुग्रह राशि।
  • आपदा राहत कोष से मिलने वाली सहायता राशि।

10. हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर छूट

अगर आप नौकरीपेशा हैं और किराए के मकान में रहते हैं, तो आपको HRA पर टैक्स छूट मिलती है।

HRA छूट का कैलकुलेशन:

  • वास्तविक HRA जो सैलरी में शामिल है।
  • किराए का 50% (अगर मेट्रो शहर में रहते हैं) या 40% (गैर-मेट्रो में रहते हैं)।
  • बेसिक सैलरी का 10% घटाने के बाद जो बचे।

उदाहरण:

सोनू की सैलरी में 15,000 रुपये HRA शामिल है और वह दिल्ली में रहता है। उसके द्वारा चुकाए गए किराए के हिसाब से उसे 12,000 रुपये तक की छूट मिल सकती है।

अगर सही जानकारी हो तो टैक्स बचाना संभव है। इन 10 स्रोतों से होने वाली आय पर इनकम टैक्स नहीं लगता, लेकिन इसके लिए आपको इनकम टैक्स कानूनों की पूरी समझ होनी चाहिए। सही प्लानिंग और निवेश से आप अपने टैक्स का बोझ कम कर सकते हैं और अपनी बचत को बढ़ा सकते हैं। अगर आपको इनकम टैक्स से जुड़ी ज्यादा जानकारी चाहिए तो किसी टैक्स सलाहकार से संपर्क करें और अपने फायदे के लिए सही फैसले लें।

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