श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी! महाकुंभ 2025 से पहले बन जाएगा Ganga Expressway अब इन 12 शहरों से गुजरेगा

Ganga Expressway (गंगा एक्सप्रेस वे) : भारत में श्रद्धालुओं के लिए कुंभ मेला एक बेहद पवित्र और ऐतिहासिक आयोजन होता है। हर बार करोड़ों श्रद्धालु इस मेले में गंगा स्नान और पुण्य कमाने के लिए आते हैं। 2025 में प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ से पहले सरकार एक बड़ी सौगात देने जा रही है – गंगा एक्सप्रेसवे। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 बड़े शहरों से होकर गुजरेगा और लाखों श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को तेज़ और सुगम बनाएगा।

Ganga Expressway क्या है?

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है। इसे खासतौर पर प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ 2025 को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा में किसी तरह की परेशानी न हो।

गंगा एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएँ:

  • लंबाई: 594 किलोमीटर
  • चौड़ाई: 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य)
  • कुल लागत: लगभग ₹36,230 करोड़
  • निर्माण की समयसीमा: 2025 महाकुंभ से पहले पूरा करने का लक्ष्य
  • स्पीड लिमिट: 120 किमी/घंटा

इस एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली और पश्चिमी यूपी से प्रयागराज की दूरी लगभग 5-6 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को फायदा होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

किन 12 शहरों से गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे?

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा और बीच में उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा। नीचे उन 12 शहरों की सूची दी गई है जिनसे यह एक्सप्रेसवे गुजरेगा:

क्रम संख्या शहर का नाम
1 मेरठ
2 हापुड़
3 बुलंदशहर
4 अमरोहा
5 संभल
6 बदायूं
7 शाहजहांपुर
8 हरदोई
9 उन्नाव
10 रायबरेली
11 प्रतापगढ़
12 प्रयागराज

इन शहरों से गुजरने के कारण एक्सप्रेसवे इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को जबरदस्त तरीके से सुधार देगा और वहां के लोगों को भी लाभ मिलेगा।

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गंगा एक्सप्रेसवे से श्रद्धालुओं को क्या फायदा होगा?

गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से न सिर्फ उत्तर प्रदेश की आर्थिक तरक्की होगी, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए यात्रा करना आसान हो जाएगा।

प्रमुख लाभ:

  • यात्रा का समय घटेगा – दिल्ली से प्रयागराज की यात्रा जो पहले 10-12 घंटे की होती थी, अब सिर्फ 5-6 घंटे में पूरी हो जाएगी।
  • बेहतर सड़कें और सुविधाएँ – एक्सप्रेसवे पर आधुनिक सुविधाएँ जैसे टोल प्लाज़ा, रेस्ट एरिया, पेट्रोल पंप और मेडिकल हेल्प उपलब्ध होगी।
  • भीड़भाड़ कम होगी – पहले की तरह श्रद्धालुओं को संकरी और जर्जर सड़कों से होकर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे जाम की समस्या कम होगी।
  • सुरक्षित यात्रा – एक्सप्रेसवे पर हाईवे पेट्रोलिंग और CCTV सर्विलांस की सुविधा दी जाएगी ताकि सुरक्षा बनी रहे।

उदाहरण:
पिछले कुंभ मेले (2019) में कई श्रद्धालुओं ने बताया कि खराब ट्रैफिक और सड़क की स्थिति के कारण उन्हें प्रयागराज पहुँचने में 15-16 घंटे तक लग गए। लेकिन अब गंगा एक्सप्रेसवे बनने के बाद, ऐसी परेशानी नहीं होगी।

एक्सप्रेसवे से स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा

गंगा एक्सप्रेसवे का फायदा सिर्फ श्रद्धालुओं को ही नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन उद्योग को भी मिलेगा।

कैसे होगा आर्थिक विकास?

  • एक्सप्रेसवे बनने के बाद होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट्स की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोज़गार मिलेगा।
  • पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा – प्रयागराज, काशी, अयोध्या जैसे धार्मिक शहरों में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
  • कृषि और व्यापार को बढ़ावा – हाईवे के ज़रिए किसान और व्यापारी अपने उत्पाद आसानी से बड़े शहरों तक पहुँचा सकेंगे।

उदाहरण:
मेरठ के एक छोटे बिजनेसमैन, राजेश गुप्ता बताते हैं कि जब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे बना, तो उनकी मिठाई की दुकान की बिक्री दोगुनी हो गई। ऐसे ही गंगा एक्सप्रेसवे बनने से स्थानीय व्यापारियों को भी बड़ा फायदा होगा।

पर्यावरण पर असर और ग्रीन कॉरिडोर

गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान पर्यावरण का भी ध्यान रखा गया है।

  • एक्सप्रेसवे के किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए 10 लाख पेड़ लगाए जाएंगे।
  • इको-फ्रेंडली टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा जिससे वायु प्रदूषण कम होगा।
  • एक्सप्रेसवे के किनारे वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाए जाएंगे जिससे जंगली जानवरों को भी सुरक्षित रास्ता मिले।

उदाहरण:
यमुना एक्सप्रेसवे पर भी इसी तरह के प्रयास किए गए थे, जिससे न केवल प्रदूषण कम हुआ, बल्कि सड़क किनारे हरियाली भी बढ़ी।

कब तक पूरा होगा गंगा एक्सप्रेसवे?

उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि गंगा एक्सप्रेसवे को 2025 के महाकुंभ से पहले पूरा कर लिया जाएगा।

  • 2021: प्रधानमंत्री मोदी ने एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया।
  • 2023: ज़मीन अधिग्रहण और निर्माण कार्य की शुरुआत हुई।
  • 2024: निर्माण कार्य 60% पूरा हो चुका है।
  • 2025: महाकुंभ से पहले एक्सप्रेसवे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो यह उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक होगा।

महाकुंभ 2025 के लिए गंगा एक्सप्रेसवे एक वरदान

गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक बड़ा कदम है। यह न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि राज्य के आर्थिक और पर्यटन क्षेत्र को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

तो अगर आप भी महाकुंभ 2025 में गंगा स्नान की योजना बना रहे हैं, तो यह नया एक्सप्रेसवे आपकी यात्रा को बेहद आसान बना देगा!

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